
छत्तीसगढ़ के मूकबधिर युवक और उसके परिजनों के लिए लॉकडाउन अच्छी खबर लेकर आया। इसी की बदौलत उन्हें 10 साल बाद एक-दूसरे का पता चला। अब माता-पिता सेंधवा के पास जामली में बने कवारेंटाइन सेंटर में रह रहे बेटे को लेने आएंगे। युवक का नाम लक्ष्मीदास है। फिलहाल उसकी उम्र 25 वर्ष है। एक माह पहले महाराष्ट्र से मप्र की सीमा में प्रवेश करने पर अन्य मजदूरों के साथ जामली में कवारेंटाइन सेंटर में रखा। सुन-बोल नहीं पाने से उसके गांव और परिजनों के बारेे में कुछ बता नहीं पा रहा था। सेंटर पर तैनात आरआई विनोद यादव ने उसके परिजनों का पता लगाया। अब आरआई उसकी प्रतिदिन वीडियो कॉल पर उसके पिरजन से बात कराते हैं। जबसे परिजनों से बात हुई है उसे घर जाने की उमंग जागी है।
ऐसे खोया... छग. से गुम हुआ था लक्ष्मीदास
छत्तीसगढ़ के इतवारदास ने बताया उनका बेटा लक्ष्मीदास 3 माह ही स्कूल गया था। उसके बाद नहीं गया। 15 साल का था तब गांव से बिना बताए चला गया था। काफी खोजबीन करने के बाद भी उसका पता नहीं लगने पर दर्री थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 10 साल बाद आरआई का फोन आने के बाद बेटे को देखने को मिला। अब शीघ्र अनुमति मिलने का इंतजार है। ताकि उसे पराए प्रदेश से अपने घर ला सकें। आरआई ने लक्ष्मीदास से इशारों में पूछा तो उसने बताया उसके गांव के पास फेक्टरी का निर्माण चल रहा था। उनके मजदूरों के साथ वह गांव से महाराष्ट्र आकर मजदूरी करने लगा था। लॉकडाउन लगने के बाद सभी उसे छोड़कर भाग गए। वह अकेले महाराष्ट्र से पैदल बिजासन सीमा तक आया था। वहां से पुलिस ने उसे यहां भेज दिया था।
ऐसे मिला... आरआई ने की तलाश में मदद
आरआई ने बताया 4 अप्रैल उप्र के 61 मजदूरों को जामली क्वारंटाइन सेंटर लाया गया था। सभी मजदूरों के नाम लिखे जा रहे थे। मूकबधिर होने से लक्ष्मीदास कुछ कह नहीं रहा था। उसे नाम लिखने के लिए कहा, उसने मलतु उरावे शब्द लिखा। सभी मजदूरों से पूछा ये युवक आपके साथ है क्या। सभी ने मना कर दिया। वह अकेले आया था। काफी दिनों तक उसके निवास स्थान का पता लगाने की कोशिश की। एक दिन बड़वानी जिला आयकर अधिकारी युवराज ठाकुर ड्यूटी पर आए। उन्हें मूकबधिर युवक बारे में बताया। उसके लिखे हुए शब्द पढ़कर उन्होंने कहा उरावे सरनेम के लोग छत्तीसगढ़ में ज्यादा है। फिर छत्तीसगढ़ के ग्रुप में युवक की फोटो और आरआई के नंबर के साथ युवक की जानकारी लिखकर भेजी गई।
तब पोस्टर छापने पर भी नहीं मिला था मलतु
5 दिन बाद छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के वैकुंठपुर थाने में पदस्थ आरक्षक कमलेश धारीवाल ने उसकी फोटो देखकर कहा ये लड़का कोरबा जिले के स्याहीमुड़ी जेलमान पोस्ट गोपालपुर का है। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 10 साल पहले दर्री थाने में दर्ज हुई है। उनके परिचित गणेशराम यादव को लड़के के पिता के पास भेजा। लड़के के पिता इतवारदास माणिकपुरी ने उसकी फोटो देखकर उसकी पहचान की उसका नाम लक्ष्मीदास बताया। फिर वीडियो कॉल पर उसे देखा, उसके गले पर तिल और माथे पर चोट का निशान देखकर उन्हीं का बेटा लक्ष्मीदास होने की पुष्टि की।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Wrh6tN
via IFTTT